.
For English Version Click here...


कार्ट देखें

हमारा परिवार


गोबिन्द भवन


गीता भवन


ब्रह्मचर्याश्रम


आयुर्वेद संस्थान


अन्य विभाग


एक परिचय


गीताप्रेसकी स्थापना सन् 1923 ई० में हुई थी। यह "गोबिन्द भवन कार्यालय" कोलकाता,जो कि दि वेस्ट बंगाल सोसाईटीज एक्ट 1961 में पंजीकृत है,की एक मुख्य शाखा है।

Click here for more...

मुख्य पृष्ठ


                                                     गीताभवन
स्वर्गाश्रम, ऋषिकेश

पुण्यसलिला भगवती भागीरथी श्रीगंगाजीके तटपर, उत्तराखण्डकी भूमिपर स्थित, गीताभवनमें प्रतिवर्ष ग्रीष्म-ऋतुमें सत्संगका आयोजन होता है। इसके संस्थापक ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका प्रतिवर्ष लगभग 4 माह सत्संग स्वयं करवाते थे। यहाँपर 1000 से अधिक कमरे हैं, जिसमें साधकोंके लिये निःशुल्क आवास आदिकी व्यवस्था है। साधकगण भगवत्प्राप्ति-हेतु भजन-साधन, सत्संग, गंगास्नान, कीर्तन, गीता-रामायण पाठ आदि करनेके लिये बड़ी संख्यामें यहाँ आते व ठहरते हैं। कार्यक्रमके दिनोंमें, प्रसाद पानेके लिये नित्य भोजनालय चलता है। सत्संग-भवन एवं कमरों आदिकी दीवालोंपर अनेक संतों एवं भक्त-कवियोंकी वाणियाँ अंकित करायी गयी हैं और सम्पूर्ण श्रीमद्भगवद्गीता संगमरमरके पत्थरोंपर अंकित है ।

यहाँके गीताभवन औषधालयमें शुद्ध आयुर्वेदिक औषधियोंका निर्माण शास्त्रोक्त पद्धतिसे गंगा-जल एवं हिमालयकी जड़ी-बूटियोंसे अनुभवी वैद्योंके संरक्षणमें किया जाता है। निजी दूकानोंमें गीताप्रेसकी पुस्तकें, वस्त्र, औषधियाँ, प्रसाद बनानेकी सामग्री, मिठाइयाँ आदि प्राप्त होती हैं ।

गीता-भवनके पास स्थित वट-वृक्षका विशेष महत्त्व है। कभी यह स्थान स्वामी श्रीरामतीर्थ-जैसे अनेक संत-महापुरुषोंका तपस्थल रहा है। आज भी यहाँके आसपास वनमें साधन-भजनके लिये मनोरम स्थान है। गीताभवन नं० 1 और 3 के सामने विशाल तथा रमणीय पक्के घाट बने हैं, जहाँ बैठकर लोग माँ गंगाके सुरम्य स्वरूपके दर्शनके साथ स्नान-लाभका पुण्य प्राप्त करते हैं ।

पूर्ण जानकारीके लिये सम्पर्क करें
व्यवस्थापक
गीताभवन
स्वर्गाश्रम
ऋषिकेश - 249304 (उत्तरांचल)
भारत
फोन : +91-135-2430122, 2432792